UPI in Europe: अब यूरोप में भी बजेगा UPI का डंका! RBI और यूरोप के TIPS में हुआ ऐतिहासिक समझौता

Published On: November 21, 2025

UPI Global Expansion News: क्या आप सोच सकते हैं कि जैसे हम भारत में चाय की टपरी पर QR कोड स्कैन करके पेमेंट करते हैं, या चुटकियों में अपने दोस्तों को पैसे भेजते हैं ठीक वैसी ही सुविधा यूरोप और भारत के बीच लेन-देन में मिल जाए? जी हाँ यह अब सिर्फ एक सपना नहीं, बल्कि हकीकत बनने जा रहा है।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने शुक्रवार को एक ऐसी खुशखबरी दी है, जो न सिर्फ भारत के डिजिटल सफर में मील का पत्थर साबित होगी, बल्कि यूरोप में रहने वाले भारतीयों और वहां घूमने जाने वाले पर्यटकों की जिंदगी आसान कर देगी।

क्या है RBI का नया मास्टरप्लान

सरल भाषा में समझें तो, RBI और यूरोपियन सेंट्रल बैंक (ECB) ने हाथ मिला लिया है। भारत का Unified Payments Interface (UPI) अब यूरोप के इंस्टेंट पेमेंट सिस्टम TIPS (TARGET Instant Payment Settlement) के साथ जुड़ने (Interlink) जा रहा है।

एक जर्नलिस्ट के तौर पर, मैंने पिछले कुछ सालों में UPI की ग्रोथ को बहुत करीब से देखा है, लेकिन यह कदम वाकई गेम-चेंजर है। इसका सीधा मतलब है कि भारत और Euro Area (यूरोप के वो देश जहां यूरो चलता है) के बीच अब पैसे भेजना (Remittance) ईमेल भेजने जितना आसान और सस्ता हो जाएगा।

आम आदमी को इससे क्या फायदा होगा Benefits of UPI-TIPS Link

अक्सर जब हम क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट विदेश से पैसे भेजना/मंगाना की बात करते हैं, तो हमारे दिमाग में भारी-भरकम फीस और कई दिनों का इंतजार आता है। UPI और TIPS के जुड़ने से ये दो बड़ी समस्याएं खत्म हो जाएंगी

1. रेमिटेंस होगा सस्ता यूरोप में नौकरी या पढ़ाई कर रहे लाखों भारतीय जब घर पैसे भेजते हैं, तो उन्हें काफी चार्ज देना पड़ता है। इस इंटरलिंकेज से लागत में भारी कमी आएगी।

2. रफ्तार होगी तेज़ जैसा कि नाम से साफ है, TIPS एक इंस्टेंट पेमेंट सिस्टम है। यानी पैसा इधर से भेजा और उधर खाते में जमा बिना किसी देरी के।

3. पर्यटकों के लिए आसानी हालांकि अभी फोकस रेमिटेंस पर है, लेकिन भविष्य में इसका फायदा भारतीय पर्यटकों को यूरोप में पेमेंट करने में भी मिलेगा।

कैसे काम करेगा यह सिस्टम

RBI ने अपने बयान में कहा है कि लगातार बातचीत और एक सकारात्मक एंगेजमेंट के बाद, दोनों पक्ष अब Realisation Phase यानी इसे लागू करने के चरण में प्रवेश कर चुके हैं।

इस काम को अंजाम देने की जिम्मेदारी NPCI इंटरनेशनल पेमेंट्स (NIPL) और यूरोपियन सेंट्रल बैंक की होगी। ये दोनों मिलकर तकनीकी इंटिग्रेशन, रिस्क मैनेजमेंट और सेटलमेंट की व्यवस्था करेंगे। NIPL वही संस्था है जो भारत के UPI और RuPay कार्ड को दुनिया भर में मशहूर कर रही है।

दुनिया भर में फैल रहा है भारत का UPI

अगर आपको लगता है कि UPI सिर्फ भारत तक सीमित है, तो आप गलत हैं। अक्टूबर महीने के आंकड़े देखकर मैं खुद हैरान रह गया था अकेले अक्टूबर में 20.7 बिलियन ट्रांजैक्शंस और ₹27.28 ट्रिलियन का लेन-देन! यह भारत की डिजिटल ताकत का सबूत है।

आज की तारीख में

  • पेरिस (फ्रांस): एफिल टॉवर पर आप UPI से टिकट ले सकते हैं।
  • पड़ोसी देश: नेपाल, भूटान और श्रीलंका में UPI चल रहा है।
  • अन्य देश: सिंगापुर, UAE, मॉरीशस और कतर में भी भारतीय पर्यटक मजे से UPI का इस्तेमाल कर रहे हैं।
  • ग्लोबल मर्चेंट्स: NIPL के डेटा के मुताबिक, 20 लाख से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मर्चेंट्स अब UPI स्वीकार करने के लिए तैयार हैं।

निष्कर्ष: डिजिटल इंडिया की नई उड़ान

वित्त मंत्रालय के मुताबिक, भारत सरकार अभी 7-8 और देशों से बातचीत कर रही है। वह दिन दूर नहीं जब आपका मोबाइल फोन और उसमें मौजूद UPI ऐप पूरी दुनिया में आपका ‘ग्लोबल वॉलेट’ बन जाएगा।

यूरोप के TIPS सिस्टम के साथ यह गठबंधन न केवल तकनीक की जीत है, बल्कि यह दुनिया को बताता है कि फाइनेंस के मामले में भारत अब फॉलोअर नहीं, बल्कि लीडर है। तो अगली बार जब आप यूरोप जाने का प्लान बनाएं या वहां से पैसे मंगवाएं, तो याद रखिएगा आपका अपना UPI वहां भी आपके साथ है।

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