U19 Cricket Selection Process India: कैसे चुनी जाती है भारत की U19 टीम? जाने पूरा Process!

Published On: November 30, 2025

U19 Cricket Selection Process India: भारत में लाखों बच्चे क्रिकेटर बनने का सपना देखते हैं। खासकर अंडर-19 टीम में जगह पाना हर युवा खिलाड़ी के लिए पहला बड़ा लक्ष्य होता है। लेकिन बहुत लोग यह नहीं जानते कि भारत में U19 क्रिकेट चयन कैसे होता है, और खिलाड़ी जिला से सीधे इंडिया टीम तक कैसे पहुंचता है। इसी वजह से आजकल लोग U19 Cricket Selection Process India बहुत खोज रहे हैं।

यू-19 टीम में जगह मिलना लंबी प्रक्रिया है। यह बिल्कुल पिरामिड की तरह है—नीचे से शुरू होकर ऊपर तक पहुंचने वाला सफर। खिलाड़ी सबसे पहले अपने जिले से शुरू करता है, फिर राज्य, उसके बाद जोन, और फिर नेशनल टीम

U19 Cricket Selection Process India

U19 Cricket Selection Process India: जिला स्तर

सबसे पहले खिलाड़ी अपने जिले के क्रिकेट संघ में रजिस्टर करता है। किसी क्लब या Academy से जुड़कर वह ट्रायल में हिस्सा लेता है।

जिला ट्रायल में कोच खिलाड़ी की बैटिंग, गेंदबाजी और फील्डिंग देखते हैं। जो लड़के अच्छा खेलते हैं, उन्हें आगे 30 खिलाड़ियों की सूची में चुना जाता है। इन्हें राज्य कैंप में भेजा जाता है।

जैसे दिल्ली में यू-19 ट्रायल्स 13–14 अक्टूबर 2025 को हुए थे और बिहार में ट्रायल 15 सितंबर 2025 से शुरू हुए।

राज्य स्तर: असली मेहनत यहीं दिखती है

राज्य कैंप में खिलाड़ी की हर बात देखी जाती है—

  • फिटनेस
  • बल्लेबाज़ी
  • गेंदबाज़ी
  • फील्डिंग
  • मैच में दबाव झेलने की क्षमता

यहां कई अभ्यास मैच भी होते हैं, जिनमें खिलाड़ी को अपना टैलेंट दिखाना पड़ता है। यहां से चुने गए खिलाड़ी राज्य की यू-19 टीम में आते हैं और बड़े टूर्नामेंट खेलते हैं।

महत्वपूर्ण टूर्नामेंट: यहां से चमकता है खिलाड़ी

भारत में दो बड़े टूर्नामेंट होते हैं जिनसे यू-19 इंडिया टीम के खिलाड़ी चुने जाते हैं—

  1. कोच बिहार ट्रॉफी (3 दिन का मैच)
  2. वीनू मांकड़ ट्रॉफी (50 ओवर का मैच)

इन टूर्नामेंट में जो खिलाड़ी सबसे ज्यादा रन बनाते हैं या सबसे ज्यादा विकेट लेते हैं, वे चयनकर्ताओं की नज़रों में आ जाते हैं।

कोच कहते हैं कि जो खिलाड़ी इन मैचों में लगातार अच्छा खेलता है, उसके इंडिया टीम में जाने के मौके बढ़ जाते हैं।

जोनल स्तर: पूरे क्षेत्र के खिलाड़ी एक जगह

भारत के पांच जोन हैं—उत्तर, दक्षिण, पूर्व, पश्चिम और मध्य। राज्य टीम इन जोनल मैचों में खेलती है।

जोनल मैचों के बाद चयनकर्ता लगभग 30 खिलाड़ियों को नेशनल प्रोबेबल्स के रूप में चुनते हैं। ये वे खिलाड़ी होते हैं जो इंडिया टीम के सबसे करीब होते हैं।

NCA कैंप: सबसे बड़ा टेस्ट

इन सभी 30 खिलाड़ियों को बेंगलुरु की नेशनल क्रिकेट Academy (NCA) में बुलाया जाता है।

यहां:

  • फिटनेस
  • स्किल
  • मानसिक मजबूती
  • मैच पढ़ने की क्षमता
  • कप्तानी
  • टीमवर्क

सब कुछ जांचा जाता है।

आखिर में यही से 15 खिलाड़ियों की भारतीय अंडर-19 टीम तैयार होती है। यही वे खिलाड़ी होते हैं जो आने वाले समय में इंडिया की सीनियर टीम के भी स्टार बन सकते हैं।

2025–26 का शेड्यूल और नई लीगें

बीसीसीआई ने अपने नए घरेलू सीज़न में यू-19 वनडे चैलेंजर ट्रॉफी जोड़ी है।

कई निजी लीग भी युवा खिलाड़ियों को मौका दे रही हैं जैसे—

  • NCL (21 राज्यों में ट्रायल)
  • T20 ICL
  • T20 CCL

इन लीगों में भी स्काउट्स खिलाड़ी खोजते हैं।

दस्तावेज़ और जरूरी शर्तें

यू-19 में खेलने के लिए जरूरी है—

  • आधार कार्ड
  • जन्म प्रमाण पत्र
  • राज्य का पता
  • फिटनेस प्रमाण पत्र

उम्र सीमा 17–19 साल होती है (1 सितंबर कटऑफ)। खिलाड़ी की फिटनेस बहुत अच्छी होनी चाहिए। 2 किलोमीटर की दौड़ 7 मिनट में पूरी करनी होती है।

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फैंस और क्रिकेट विशेषज्ञों की राय

फैंस का कहना है कि भारत में यू-19 चयन की प्रक्रिया बहुत साफ और मेहनत पर आधारित है।

विशेषज्ञ कहते हैं कि यही सिस्टम भारत को शुभमन गिल, पंत और पृथ्वी शॉ जैसे बड़े खिलाड़ी देता है। यही वजह है कि U19 Cricket Selection Process India आज युवाओं के बीच सबसे ज्यादा पढ़ा और समझा जा रहा विषय है।

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