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Editorial

आतंकी लखवी की रिहाई

April 12, 2015 04:51 PM

संपादकीय/महावीर गोयल, पाकिस्तान की अदिआला जेल से आखिरकार मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड जकीउर रहमान लखवी को रिहा कर दिया गया। लखवी को रिहा किए जाने के तकनीकी और विधिक पक्षों से अधिक रोचक वे विडंबनाएं हैं जिनमें उसे रिहा किया गया है। दिसंबर २०१४ में पेशावर में स्कूल पर मानवता को शर्मसार करने वाले आतंकी हमले के महज दो दिनों बाद लखवी को जमानत दी गईथी, तब पाकिस्तान में आतंकवाद के खिलाफ भावनाएं उफान पर थीं और इस दौरान चार बार उसे मेंटेनेंस ऑफ पब्लिक ऑडर एक्ट के तहत गिरफ्तार किया जाता रहा। इस्लामाबाद हाईकोर्ट और लाहौर हाईकोर्ट द्वारा एमपीओ को खारिज किए जाने के बाद फिलहाल लखवी की फिर से रिहाई का खतरा और भी कमतर है क्योंकि रिहाई के बाद लखवी क हां है इसकी जानकारी किसी को नहीं है। लेकिन लखवी के मंसूबे क्या हैं, इसको लेकर किसी को कोई संदेह नहीं है। भारत के खिलाफ आतंकी घटनाओं की साजिश रचने की संभावनाओं और खतरे के मद्देनजर हमें बीते दिनों न्यूयार्क टाइम्स में प्रकाशित उस चिंता का हवाला लेना चाहिए जिसमें कहा गया था कि पाकिस्तान की ओर से मुंबई जैसे किसी अन्य आतंकी हमले की सूरत में भारत उस पर जबावी हमला कर सकता है, जिसके बढ़कर नाभिकीय युद्ध तक में बदल जाने का खतरा है। पाकिस्तानी उच्चायुक्त के साथ हुर्रियत नेताओं की वार्ता के बाद पटरी से उतरा आपसी संवाद बीते दिनों विदेश सचिवों की बातचीत से कथित सामान्यीकरण की दिशा में बढ़ती दिखी थी लेकिन इस रिहाई से आपसी संबंधों में नए तनाव सृजित होने लाजिमी हैं। लेकिन लखवी के रिहाई के ऐन दिन ही पाकिस्तान की पार्लियामेंट ने यमन में सऊदी अरब के साथ सैन्य कार्यवाही में शामिल नहीं होने संबंधी प्रस्ताव पारित किया। जाहिर है कि पाकिस्तान यमन में आंतरिक अशांति जैसे हालात में हस्तक्षेप से अपने घरेलू संकटों का मूल्यांकन करते हुए समाधान के लिए शांतिपूर्ण वार्ताओं और धैर्यपूर्ण कूटनीतिक प्रयासों की वकालत कर रहा है। सवाल है कि क्या लखवी की रिहाई से भारत के साथ शांतिपूर्ण संबंधों और कूटनीतिक वार्ता की दिशा में प्रगति संभव हो सकेगी? लखवी की रिहाई को भारत द्वारा मुंबई हमले में मारे गए और हताहतों का अपमान बताना एक स्वाभाविक प्रतिक्रिया तो है, लेकिन अशुभ संकेत यह है कि पाकिस्तान भारत विरोधी आतंकवाद पर कारवाही करने के वायदे से मुकरता और दोहरे मापदंड रखता दिखाई दे रहा है।

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