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Editorial

दिल्ली में चुनावी जंग

February 06, 2015 02:29 PM

संपादकीय/महावीर गोयल, दिल्ली विधान सभा की चुनावी जंग अब तकरीबन चरम पर पहुंच चुकी है। आम आदमी पार्टी ने खुद ही सर्वे करा डाला और अपने पक्ष में 51 सीटें घोषित कर दीं। आप का दावा कितना सही है, इसका फैसला दिल्ली के मतदाता करेंगे। यूं तो मीडिया के विभिन्न चुनाव पूर्व सर्वे में भी भाजपा की तुलना में आप को ज्यादा सीटें मिलने का दावा किया गया है। मीडिया के ये सर्वे सच हो भी सकते हैं और नहीं भी। इस बार दिल्ली विधान सभा चुनाव में आप ने मीडिया पर किसी तरह का निशाना नहीं साधा, लेकिन सर्वे को और मजबूत साबित करने के लिए खुद ही सर्वे कर डाला। अगर इस सर्वे को सही माना जाए तो आप को विधानसभा चुनाव में 51 सीटें मिलेंगी। भाजपा को 15 और कांग्रेस को सिर्फ चार सीटें मिलेंगी। इतना ही नहीं मुख्यमंत्री के रूप में अरविंद केजरीवाल को 53 प्रतिशत लोगों ने पसंद किया है, जबकि किरन बेदी को मात्र 34 फीसदी लोगों ने। अगर यह सर्वे सच है तो दिल्ली में आप की ही सरकार बनेगी। पिछली बार आप ने कांग्रेस के समर्थन से सरकार बनाई थी, लेकिन मात्र 49 दिन बाद केजरीवाल ने अपनी सरकार का इस्तीफा दे दिया था। यह अलग बात है कि केजरीवाल जितने दिन सत्ता में रहे, उन्होंने जनता के हित में ही फैसले किए। वे लागू नहीं हो पाए, उनका कारण अलग है। जाहिर है कि केजरीवाल की छवि स्वच्छ है। हालांकि भाजपा ने उनकी छवि चंदे के फंदे में फंसाकर दागी बनाने का प्रयास किया है। अब उनकी छवि को कहां तक नुकसान पहुंचा है, यह तो मतदाता मतदान के दौरान बताएंगे। यूं तो भाजपा की मातृ संस्था राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने भी माना है कि दिल्ली में भाजपा की हालत पतली है। लेकिन भाजपा नेता इस बात को नहीं मानते। उनका दावा है कि सरकार भाजपा की ही बनेगी। यह दावा किस हद तक सही है, फिलहाल इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता है। आप के सर्वे की यह बात भी गले के नीते नहीं उतर रही कि इस चुनाव में कांग्रेस को मात्र चार सीटें ही मिलेंगी। यह सही है कि कांग्रेस के सितारे इन दिनों गर्दिश में चल रहे हैं। केंद्र में तो उसे हार का मुंह देखना ही पड़ा राज्यों में भी उसके हाथ से सत्ता खिसकती जा रही है। लेकिन दिल्ली में उसकी इतनी फजीहत होगी, इस पर यकीन नहीं किया जा सकता। बहरहाल, अब इसके लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना होगा। मात्र दो दिन बचे हैं, चुनावी शोरगुल थम जाएगा। सात फरवरी को मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे और 10 फरवरी को नतीजे आपके हाथ में होंगे। तब तक आप इंतजार कीजिए, सभी के दावों का सच आपके सामने होगा।

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