Chandigarh

चंडीगढ़ःडेरा सच्चा सौदा में सभी अनैतिक कार्यों की जांच करने की मांग की

August 29, 2017 04:39 PM

इंडिया केसरी/चंडीगढ़ः डेरा सच्चा सौदा में यौन शोषण की अन्य घटनाओं समेत अन्य सभी अनैतिक कार्यों की जांच हाई कोर्ट की निगरानी में सीबीआई द्वारा की जाए। डेरा प्रमुख के सभी सहयोगियों को जांच के दायरे में लाया जाए ताकि यौन शोषण की शिकार अन्य महिलाओं को न्याय मिल सके। अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति हरियाणा ने आज स्थानीय भकना भवन में पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए उक्त मांग उठाई। प्रैस वार्ता में संगठन की पूर्व राष्ट्रीय महासचिव जगमति सांगवान, राज्य महासचिव सविता, राज्य कोषाध्यक्ष राजकुमारी दहिया मौजुद रही। प्रैस को सम्बोधित करते हुए उन्होनें कहा कि डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम द्वारा साध्वियों के यौन शोषण मामले में २० साल की सजा सुनाए जाने का निर्णय स्वागतयोग्य है। सी.बी.आई. कोर्ट के इस फैसले से न्यायपालिका में लोंगों का विश्वास सुदृढ़ हुआ है। सन् २००२ में साध्वी ने डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम द्वारा यौन शोषण मामले को तात्कालिन प्रधानमंत्री व हाईकोर्ट को पत्र लिखकर उजागर किया था। पीड़िता ने पत्र की एक प्रति जनवादी महिला समिति को भी भेजी थी। न्याय के लिए १५ साल तक चले लम्बे संघर्ष में दोनों साध्वियां सभी तरह के दबाओं व धमकियों के बावजूद जान हथेली पर रखकर बहादूरी के साथ डटी रही। उनका संघर्ष बेहद प्रेरणादायी व सलाम के काबिल है। जनवादी महिला समिति उस संघर्ष में लगातार उनके साथ खड़ी रही। संगठन मांग करता है कि राज्य सरकार दोनों महिलाओं को उनके अतुलनीय संघर्ष के लिए सम्मानित करे और उनकी सुरक्षा का पूरा प्रबंध करे। दोनों पीड़िताओ ने अपने ब्यान में बताया है कि अन्य साध्वियों को भी यौन शोषण का शिकार बनाया गया है जिससे यह जाहिर होता है कि ऐसी सैंकड़ों महिलाएं जिनमें नाबालिग भी शामिल हैं जिन्हें आस्था के नाम पर शिकार बनाया गया है। इसके लिए डेरा प्रमुख की बेहद करीबी साध्वियां उन्हें गुफा के अन्दर भेजती थी। इसलिए डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के सभी सहयोगियों को भी जांच के दायरे में लाया जाए ताकि यौन शोषण के अन्य मामले भी उजागर हो सकें। अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति माननीय न्ययाधीश के फैसले को सलाम करती है जिन्होनें बिना किसी दबाव में आए न्याय की मशाल को जलाए रखा। इस फैसले से आम जनता में न्याय पाने की उम्मीद बढ़ी है। उनके संघर्ष से असंख्य पीड़ित महिलाएं हौंसला लेंगी। सीबीआई ने भी इस पूरे मामले में जिस प्रकार से बिना दबाव के जांच की, पीड़िताओं को ढुंढा व न्याय के लिए लड़ने का हौंसला दिया वह प्रशंसनीय है। सिरसा के पत्रकार रामचन्द्र छत्रपति ने न्याय की इस लड़ाई के लिए अपनी जान तक गंवानी पड़ी। अभी भी मीडिया कर्मियों को कवरेज करते हुए हिंसा झेलनी पड़ी जोकि बेहद निंदनीय है, उन्हें भी न्याय मिले। जनवादी महिला समिति यह भी मांग करती है कि शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा को संवैधानिक प्रावधानों की धज्ज्यिां उडाने पर मंत्राी पद से तुरंत बर्खस्त किया जाए। भाजपा सांसद साक्षी महाराज व अमित शाह द्वारा डेरा प्रमुख के बचाव में दिए गए ब्यान का संसदीय कमेटी संज्ञान ले व उन पर कड़ी कार्यवाही करे। हरियाणा में पिछले कई दिनों से हिंसा व भय का जो वातावरण बना है उसके लिए राज्य सरकार सीधे तौर पर जिम्मेदार है। २५ अगस्त को पंचकुला में हुई हिंसा में ३८ लोगों को अपनी जाने गंवानी पड़ी, २५० के करीब घायल हैं। यह सब भाजपा सरकार की विफलता है। माननीय उच्च न्यायालय ने जिस सक्रियता व गंभीरता के साथ कानून व्यवस्था को बनवाने में योगदान दिया है उसके चलते जान-माल की और ज्यादा हािन होने से प्रदेश व देश बच पाया है। इसके साथ-साथ समिति यह भी मांग करती है कि बलात्कारी बाबा को राजनीतिक संरक्षण देने वालों पर भी कड़ी कार्यवाही हो। संगठन डेरा अनुयायियों से भी अपील करता है कि न्यायपालिका का सम्मान करें व शान्ति बनाएं रखें।

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