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चंडीगढ़: भाजपा अध्यक्ष पद के लिए संघ से जुड़े प्रदीप शर्मा का नाम फाइनल

January 10, 2017 07:32 PM

चंडीगढ़: चंडीगढ़ नगर निगम का चुनाव संपन्न होने के बाद अब सबकी नजर नगर भाजपा के नए अध्यक्ष की ओर लगी हैं। नए अध्यक्ष के चयन के लिए तेज गतिविधियां चल रही हैं। चर्चा है कि गणतंत्र दिवस से पूर्व ही पार्टी को नया अध्यक्ष मिल जाएगा।सूत्रों की मानें तो इस पद के लिए प्रदीप शर्मा का नाम सबसे ऊपर चल रहा है। बल्कि यूं समझिए की प्रदीप शर्मा का अध्यक्ष बनना लगभग तय हो चुका है। प्रदीप शर्मा के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सरसंघचालक डॉ. मोहनराव भागवत व कई अन्य वरिष्ठ एवं प्रभावशाली नेताओं  से भी अच्छे संबंध हैं।वे इस समय आर एस एस के आनुषांगिक संगठन सेवा भारती के पंजाब प्रांत के महामंत्री व ब्राह्मण सभा चंडीगढ़ के उपाध्यक्ष भी हैं। स्थापित व्यवसायी प्रदीप शर्मा काफी मिलनसार, मृदुभाषी, सादगी पसंद, निर्विवाद और साफ छवि रखने वाले व्यक्तित्व के मालिक हैं।यदि प्रदीप शर्मा प्रधान बनते हैं तो वह स्व. जयराम जोशी के बाद ब्राह्मण समुदाय से जुड़े दूसरे नगर भाजपा के अध्यक्ष होंगे। सेवा भारती के पंजाब प्रांत के महामंत्री होने के नाते पंजाब विधानसभा के आसन्न चुनावों के मद्देनजर प्रदीप शर्मा की नियुक्ति से वहां भाजपा को बल मिलेगा।संघ की पसंद होने के कारण उन्हें नगर भाजपा के सभी गुटों का समर्थन भी हासिल रहेगा।

सूद व चंद्रशेखर के नाम भी चल रहे थे

सूत्रों के मुताबिक पार्टी के वर्तमान अध्यक्ष संजय टंडन पूर्व महापौर व पार्षद अरुण सूद व चंद्रशेखर के पक्ष में थे परंतु इनमें से अरुण सूद ने स्वयं ही कदम पीछे खींच लिए जबकि चंद्रशेखर के नाम पर किरण खेर ने वीटो लगा दिया।

अरोड़ा, जिंदल व कौशिक अंतिम दौर में पिछड़े

अन्य दावेदारों में पूर्व महापौर व इस बार महापौर पद की उम्मीदवार आशा जैस्वाल, मार्किट कमेटी के चेयरमैन रामबीर भट्टी, रघुबीर अरोड़ा, गिरधारी लाल जिंदल व प्रेम कौशिक के नाम भी थे परंतु विभिन्न कारणों व हालातों के चलते अंतिम दौड़ में ये काफी पीछे रह गए।एक अन्य नाम स्व. राजेश गुप्ता का भी था पंरतु उनका आकस्मिक निधन हो गया।

सतिंदर सिंह के पक्ष में थे खेर, जैन व धवन

लंबे अर्से तक वरिष्ठ भाजपा नेता सतिंदर सिंह अपनी फायर ब्रांड छवि के कारण अध्यक्ष पद की दौड़ में सबसे आगे चल रहे थे व खबरों में छाए हुए थे। परंतु विरोधियों द्वारा काफी अफवाहें फैलाकर उनकी गलत छवि उभारी गई जिससे उनका पक्ष कमजोर पड़ गया, हालांकि उनके पीछे नगर भाजपा के हैवीवेट नेता स्थानीय सांसद किरण खेर, पूर्व सांसद व वरिष्ठ भाजपा नेता सत्यपाल जैन एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री हरमोहन धवन ने पूरा जोर लगाया हुआ था। नगर निगम चुनाव में इस बार भाजपा के सिर्फ दो ही उम्मीदवार हारे जिनमें से एक सौरव जोशी थे जो सतिंदर सिंह के वार्ड से ही चुनाव  मैदान में थे। उनका हारना भी सतिंदर सिंह के लिए गड़बड़ रहा।

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