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चंडीगढ़:इनसो कार्यकर्ता प्रदेशभर में फूंकेंगे कांग्रेस के पुतले

January 10, 2017 07:15 PM

चंडीगढ़: इनेलो ने एसवाईएल पर हरियाणा के हितों की रक्षा करने में विफल रहने का मुख्यमंत्री मनोहर लाल पर आरोप लगाते हुए उन्हें अपने पद से त्याग पत्र दिए जाने की मांग की है। इनेलो के वरिष्ठ नेता एवं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला और प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने मंगलवार को चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि इनेलो का एक प्रतिनिधिमण्डल बुधवार ११ जनवरी शाम को हरियाणा के राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी से भेंट कर खट्टर सरकार को बर्खास्त करने की मांग करेगा। इनेलो नेताओं ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने पार्टी का एसवाईएल पर राष्ट्रीय स्तर पर स्टेंड स्पष्ट करते हुए अब साफ कर दिया है कि पंजाब का पानी पंजाब का ही रहेगा। कांग्रेस के इस हरियाणा विरोधी स्टेंड का विरोध करते हुए इनेलो की छात्र इकाई इनसो बुधवार को प्रदेशभर में कांग्रेस पार्टी के पुतले जलाएगी। इनेलो नेताओं ने कहा कि हरियाणा से कांग्रेस के विधायक रणदीप सुरजेवाला को एसवाईएल जैसे पानी के मुद्दे पर प्रदेश के खिलाफ स्टेंड लेने से पहले न सिर्फ अपना विधायक पद से त्याग पत्र देना चाहिए बल्कि उन्हें हरियाणा छोडक़र अब पंजाब में ही जाकर चुनाव लडऩा चाहिए। इनेलो नेताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी ने तो अपने राष्ट्रीय प्रवक्ता के माध्यम से पार्टी का राष्ट्रीय सतर पर स्टेंड स्पष्ट करते हुए कह दिया है कि पंजाब का पानी पंजाब का ही रहेगा और ऐसे में हुड्डा को अगर प्रदेश के हित प्यारे हैं तो उन्हें कांग्रेस से इस्तीफा देकर २३ फरवरी को इस्माइलपुर में शुरू होने वाली इनेलो की ओर से एसवाईएल की खुदाई में हिस्सा लेना चाहिए।इनेलो नेताओं ने कहा कि बुधवार को अभय सिंह चौटाला व अशोक अरोड़ा के नेतृत्व में राज्यपाल से मिलने वाले प्रतिनिधिमण्डल में पार्टी के सभी विधायक व वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। इनेलो नेताओं ने कहा कि एसवाईएल पर सर्वोच्च न्यायालय का फैसला आने के बाद मुख्यमंत्री द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में मुख्यमंत्री व उनके सहयोगियों के अलावा कांग्रेस के नेता व इनेलो की ओर से नेता प्रतिपक्ष व पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शामिल हुए थे। बैठक में सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित कर इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति से मिलने का भी फैसला लिया गया था। मुख्यमंत्री ने ये जिम्मेदारी ली थी कि वे प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति से मिलने का समय लेंगे। सर्वदलीय प्रतिनिधिमण्डल राष्ट्रपति से मिलकर अपना पक्ष रख आया था लेकिन करीब पौने दो महीने होने के बावजूद अभी तक मुख्यमंत्री न तो पीएम से समय ले पाए और न ही सीएम कार्यालय ने उन्हें इस बारे कोई अवगत करवाया कि अभी तक पीएम से समय क्यूं नहीं मिला है? नेता प्रतिपक्ष ने आशंका जताई कि शायद मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से प्रधानमंत्री कार्यालय को शायद कोई चि_ी ही न भेजी हो अन्यथा ऐसा नहीं हो सकता कि इतने बड़े संवेदनशील मुद्दे पर प्रधानमंत्री मिलने का समय न दे। पत्रकार सम्मेलन में अभय सिंह चौटाला, अशोक अरोड़ा, पूर्व कृषि मंत्री जसविंदर संधू, विधायक परमेंद्र ढुल, रामचंद कम्बोज, प्रो. रवींद्र बलियाला, बलवान दौलतपुरिया, बीडी ढालिया, युद्धवीर आर्य, राम सिंह बराड़, एनएस मल्हान व प्रवीन आत्रेय सहित अनेक प्रमुख नेता मौजूद थे।इनेलो नेताओं ने कहा कि सीएम के हाथों में हरियाणा के हित सुरक्षित नहीं हैं और अब मुख्यमंत्री कहते हैं कि अगर पार्टी आलाकमान कहेगी तो वे पंजाब में भाजपा उम्मीदवारों के पक्ष में भी चुनाव प्रचार के लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पंजाब विधानसभा में भाजपा के वरिष्ठ नेता ही सदन में यह प्रस्ताव लेकर आए थे कि पंजाब का एक बूंद पानी भी हरियाणा को नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री प्रदेश के हितों के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने की बजाय उन लोगों के लिए वोट मांगने जाने की बात करते हैं जो हरियाणा को एक बूंद भी पानी नहीं देना चाहते। उन्होंने कहा कि प्रदेश के साथ होने वाले अन्याय में अगर सीएम की बात को अहमियत न मिले तो उन्हें अपने पद से त्याग पत्र देकर हमारे साथ संघर्ष में शामिल होना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि वे दस साल तक प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे और उस समय केंद्र में भी कांग्रेस की सरकार थी लेकिन वे एसवाईएल निर्माण को लेकर कभी भी प्रधानमंत्री अथवा राष्ट्रपति या केंद्रीय जलसंसाधन मंत्री से नहीं मिले। इनेलो नेता ने कहा कि २००५ से २००७ तक तो हरियाणा व केंद्र के साथ-साथ पंजाब में भी कांग्रेस की सरकार थी लेकिन उस समय भी इन्हें एसवाईएल की याद नहीं आई। इनेलो नेताओं ने कहा  कि भजनलाल व बंसीलाल प्रदेश में लम्बे समय तक मुख्यमंत्री रहे लेकिन उन्होंने एसवाईएल के निर्माण के लिए कोई प्रयास नहीं किए बल्कि चौधरी देवीलाल ने मुख्यमंत्री बनने के बाद पंजाब को एसवाईएल के लिए भूमि अधिग्रहण करने के लिए पैसा देकर नहर बनवाने की प्रक्रिया शुरू करवाई और ९५ फीसदी काम चौधरी देवीलाल के कार्यकाल में ही हुआ। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि १९९१ में खुद पूर्व मुख्यमंत्री बंसीलाल ने विधानसभा में स्वीकार किया था कि नहर निर्माण का सबसे ज्यादा कार्य चौधरी देवीलाल के कार्यकाल में ही हुआ था। इनेलो नेताओं ने कांग्रेस पर दोहरी भाषा बोलने का आरोप लगाते हुए कहा कि एक तरफ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अशोक तंवर कहते हैं कि वे हरियाणा को एक बूंद पानी न देने की बात कहने वाले कैप्टन अमरेंदर के पक्ष में प्रचार के लिए जाएंगे और दूसरी तरफ रणदीप सुरजेवाला कहते हैं कि पंजाब का पानी पंजाब का ही रहेगा। उन्होंने इन लोगों को प्रदेश का सबसे बड़ा दुश्मन बताते हुए कहा कि अपनी राजनीति चमकाने के लिए प्रदेश हितों के खिलाफ स्टेंड लेने वाले इन लोगों को प्रदेश में रहने का कोई अधिकार नहीं है। इनेलो नेताओं ने कहा कि वे प्रदेशवासियों को साथ लेकर २३ फरवरी को इस्माइलपुर से नहर खुदाई का काम शुरू करेंगे और इसके लिए इनेलो कार्यकर्ताओं की १५ जनवरी से २१ जनवरी तक जिलास्तर पर बैठकें होंगी और पहली फरवरी से दस फरवरी तक पार्टी के ४५ वरिष्ठ नेता दो-दो हलकों के हर गांव व वार्ड में जाकर लोगों को २३ फरवरी के लिए लामबंद करेंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता सिर्फ लोगों का ध्यान बांटने के लिए कभी सरस्वती नदी की बात करते हैं तो कभी मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए अन्य बयानबाजी करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इनेलो ने राजीव-लौंगोवाल समझौते का नहीं बल्कि इसकी धारा ७ व ९ का विरोध किया था जोकि हरियाणा के हितों के खिलाफ थी और इसी के चलते इसके बाद प्रदेश में हुए चुनाव में लोगों ने चौधरी देवीलाल के उम्मीदवारों को ९० में से ८५ सीटें दिलवाने का काम किया था।

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