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Chandigarh

चंडीगढ़: नगर कीर्तन का सिरसा में होगा भव्य अभिनंदन: चौटाला

December 31, 2016 06:37 PM

चंडीगढ़: हरियाणा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अभय सिंह चौटाला ने कहा कि इनेलो की ओर से पूरे प्रदेश में गुरु गोविंद सिंह के साढ़े तीन सौ साला प्रकाशोत्सव वृहद स्तर पर मनाया जा रहा है। पहली जनवरी को सिरसा में इस प्रकाशोत्सव के उपलक्ष्य में दोपहर एक बजे नगरकीर्तन का अभिनंदन किया जाएगा। वे शनिवार को सिरसा स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से रूबरू हो रहे थे। उन्होंने कहा कि इस यात्रा का शुभारंभ भी उन्होंने बीते दिवस नाडासाहिब से किया था और अब कल पहली जनवरी को सिरसा स्थित गुरुद्वारा दसवीं पातशाही में इस प्रकाशोत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित नगरकीर्तन का अभिनंदन कर अखंड पाठ का भोग डाला जाएगा। तत्पश्चात गुरुघर का अटूट लंगर चलाया जाएगा। इनेलो नेता ने कहा कि पूरे शहर में इस नगर कीर्तन का भव्य स्वागत किया जाएगा। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए कहा कि जो कार्यक्रम राज्य सरकार को सरकारी स्तर पर मनाना चाहिए, उसे इनेलो अपने स्तर पर मनाएगी।
इनेलो नेता ने कहा कि राज्य सरकार करोड़ों रुपए विभिन्न आयोजनों पर तो खर्च करती है मगर गुरु गोविंद सिंह के प्रकाशोत्सव को न मनाकर सिख समुदाय की भावनाओं की अनदेखी की है। अभय सिंह चौटाला ने कहा कि सरकार की ओर से गीता जयंती तो मनाई गई मगर जिन गुरु पीर फकीरों ने अपना व अपने बच्चों का बलिदान दिया, उन्हें भी याद किया जाना जरूरी है। सतलुज यमुना लिंक नहर जैसे संवेदनशील मुद्दे पर उन्होंने कहा कि वे इस मुद्दे पर जहां भी कार्यकर्ता सम्मेलन कर रहे हैं, एक ही बात कह रहे हैं कि उनके जिले अथवा किसी भी क्षेत्र में यदि हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष अशोक तंवर जाए, तो उसका भरपूर विरोध किया जाए क्योंकि उनका बयान है कि वे पंजाब में प्रस्तावित विधानसभा चुनावों में कांग्रेस का प्रचार करने के लिए पंजाब जाएंगे जबकि पंजाब कांग्रेस के नेता कैप्टन अमरिंद्र सिंह ने ही सबसे पहले हरियाणा को एक बूंद पानी न देने का निर्णय लेकर पंजाब विधानसभा में कानून बनवाया था। यदि ऐसे में हरियाणा कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष पंजाब में कांग्रेस की मदद के लिए जाएगा तो समझा जा सकता है कि हरियाणा से इससे बड़ी गद्दारी नहीं हो सकती।अभय चौटाला ने कहा कि वे भिवानी, महेेंद्रगढ़, रेवाड़ी तथा दादरी जिलों में ६५ जनसभाओं के माध्यम से लोगों को आगामी २३ फरवरी को पंजाब के इस्माइलपुर गांव में नहर खुदाई के लिए आमंत्रित कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा के सभी राजनीतिक दलों के नेता मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर के नेतृत्व में हरियाणा का पक्ष रखने के लिए महामहिम राष्ट्रपति से मिले थे और बाद में मुख्यमंत्री के नेतृत्व में ही प्रधानमंत्री से मिलने का समय मांगा गया। हैरानीजनक तथ्य यह है कि एक माह १४ दिन बीतने के बावजूद आज तक प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री को इस संवदेनशील मुद्दे पर मिलने तक का समय नहीं दिया जिससे प्रमाणित होता है कि प्रधानमंत्री की नजर में इस मुख्यमंत्री का अपना कोई वजूद नहीं है। ऐसे में मुख्यमंत्री को आज ही अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। अभय सिंह चौटाला ने कहा कि यदि आज की तिथि में प्रधानमंत्री सभी राजनीतिक दलों को इस मुद्दे पर बुलवाते हैं तो वे मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रधानमंत्री से नहीं मिलेंगे। उन्होंने कहा कि इसकी बजाए उन्होंने उन सभी ग्राम पंचायतों से प्रस्ताव पास कराना आरंभ कर दिया है जहां एसवाईएल का पानी आएगा। वे दिल्ली में जंतर मंतर पर प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर ये प्रस्ताव भी देंगे ताकि हरियाणा के हक में प्रधानमंत्री जल्द से जल्द निर्णय करवाएं। भारतीय ओलंपिक संघ के आजीवन अध्यक्ष चुने जाने पर अभय सिंह चौटाला ने कहा कि ये पद उन्हें भारतीय ओलंपिक संघ के सभी १२० सदस्यों ने सर्वसम्मति से सौंपा है। ये पद उन्हें उन द्वारा खेल व खिलाडिय़ों के उत्साहवद्र्धन के लिए दिया गया है मगर इससे देश व प्रदेश के खेल मंत्रियों को खासी दिक्कतें हो रही हैं। उन्होंने इसे हास्यास्पद बताया कि एक ओर देश के खेल मंत्री विजय गोयल कहते हैं कि उन्होंने भारतीय ओलंपिक संघ की मान्यता ही समाप्त कर दी है जबकि हकीकत यह है कि सरकार से मान्यता ली किसने है? उन्होंने कहा कि वे इस मुद्दे पर शीघ्र ही दिल्ली जाकर भारतीय ओलंपिक संघ के तमाम सदस्यों को आमंत्रित कर आगामी रणनीति तय करेंगे। इसी बैठक में वे भारत के खेल मंत्री की उस घटना को भी उजागर करेंगे कि किस प्रकार इस खेलमंत्री ने रियो ओलंपिक २०१६ में खेल गरिमाओं का सम्मान न करके भारत को अपमानित करवाया। इससे पूर्व उन्होंने गुरु गोविंद सिंह के साढ़े तीन सौ साल के प्रकाशोत्सव को लेकर इनेलो कार्यकर्ताओं व गुरुद्वारा सिख प्रबंधन कमेटी के प्रबंधकों के साथ नगरकीर्तन की तैयारियों की समीक्षा की और अधिकाधिक लोगों को इस कार्यक्रम में शामिल होने का आमंत्रण दिया। इस अवसर पर पदम जैन, जसवीर सिंह जस्सा, सिरसा गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान प्रकाश सिंह साहुवाला, जत्थेदार जगसीर सिंह मांगेआना, विनोद दड़बी, सुभाष नैन, तरसेम मिढा, महावीर शर्मा, कश्मीर सिंह करीवाला, प्रदीप मेहता, कृष्ण गुंबर, मनोहर मेहता, धर्मवीर नैन, गंगाराम बजाज, गुरदयाल मेहता भी मौजूद थे।

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