Gurgaon

सोहना: कब्जा धारी दुकानदार विभाग को दिखा रहे ठेंगा

December 30, 2016 04:41 PM

सोहना: सोहना नगरपरिषद विभाग द्वारा निर्मित 54 दुकानों का मामला करीब चार वर्षों से अधर में लटका हुआ हैं। उक्त मामला डिवीजनल अदालत में विचाराधीन हैं। ऐसी करीब तीन दर्जन दुकानों पर दंबगों ने राजनीतिक शह के चलते अवैध कब्जा जमाया हुआ हैं। जिसकी पुष्टि परिषद विभाग द्वारा सी एम विन्डों में प्रेषित रिपोर्ट में की जा चुकी हैं। विभाग ने ऐसे अवैध कब्जों को हटाने की आज तक भी कोशिश नहीं की हैं। बल्कि अदालत का सहारा लेकर कब्जों को वैध कराने की तैयारी हैं। ऐसा होने से परिषद विभाग की कार्य प्रणाली पर सवालियां निशान लग रहे हैं। वहीं दूसरी ओर मामला ना सुलझाने से परिषद विभाग का लाखों रूपये किराया दुकानदारों के जिम्मे बकाया हैं। जिसका भुगतान दुकानदारों ने आजतक नहीं किया हैं। तथा उक्त राशि मात्र कागजों में सिमट कर रह गई हैं। सोहना बस स्टैण्ड मार्ग पर बनी 54 दुकानों की स्थिती साफ न होने से दुकानदारों में हडकम्प व बेचैनी व्याप्त हैं। ऐसे करीब तीन दर्जन दुकानों पर दुकानदार अवैध कब्जा जमाये बैठे हैं। जिसकी शिकायत स्थानीय नागरिकों ने नगरपरिषद, उपायुक्त गुडगांव, निदेशक शहरी स्थानीय निकाय विभाग हरियाणा, मुख्यमंत्री हरियाणा को लिखित रूप में प्रेषित की हुई हैं। किन्तु आज तक भी कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई हैं। बल्कि ऐसे कब्जा धारी दुकानदार विभाग को ठेंगा दिखा रहे हैं।
क्या हैं मामला
 सोहना नगरपरिषद विभाग द्वारा गत दिनांक 28 मार्च 2012 को सोहना बस स्टैण्ड मार्ग पर खोखों को हटाकर 54 दुकानों का निर्माण कराये जाने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की थी। जिसके तहत 75 हजार रूपये सिक्योरिटी व 2100 रूपये किराया निर्धारित किया था। किन्तु हैरत की बात हैं कि दुकानदारों ने दुकानों का निर्माण स्वयं कराकर रातों रात अवैध कब्जा जमा लिया।
मामला पहुंचा सी एम दरबार
दुकानों पर अवैध कब्जा करने का मामला सी एम विन्डों में पहुंचने पर अधिकारियों में हडकम्प मच गया। अधिकारियों ने विवादित दुकानों पर पहुंच कर मौका मुआयना किया तथा विभागीय रिकार्ड की जांच की जिसमें 3 दर्जन दुकानदार अवैध पाये गए। जिनका विभाग के रिकार्ड में कोई इन्द्राज नहीं हैं तथा ऐसे दुकानदार अवैध कब्जा जमाये बैठे हैं।
पूर्व पार्षद वसूल रहे किराया
दुकानों पर काबिज कई दुकानदारों से पालिका के पूर्व पार्षद जबरन कब्जा करके अवैध रूप से किराया वसूल रहे है। ऐसे पूर्व पार्षदों ने कई दुकानों को अपने कब्जे में लिया हुआ हैं। जिसकी जानकारी विभागीय अधिकारियों को होने के बाबजूद भी आज तक कब्जा हटाने की कोशिश नहीं की हैं। जिससे अधिकारियों व कब्जा धारियों की आपसी सांठ गांठ का आभास हो रहा हैं।
 नागरिकों ने की शिकायत
कस्बे के नागरिक सुरेन्द्र कुमार ने मामले की शिकायत सचिव नगरपरिषद से लेकर मुख्यमंत्री हरियाणा तक लिखित रूप में दी हैं। किन्तु कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई हैं। शिकायतकर्ता का कहना हैं कि अवैध कब्जेदारों को हटाकर खुली बोली के माध्यम से दुकानों को किराये पर दिया जाना चाहिऐ।


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